पंजाब में 31 मार्च तक लॉकडाउन 22 march 2020
लॉकडाउन
लॉ एंड ऑर्डर यानी कानून व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. लोग कानून का पालन करें और शांति व्यवस्था बनाए रखें इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होता है. जब लगे कि व्यवस्था बिगड़ सकती है तो धारा 144 लागू की जाती है. अगर पूरे राज्य में माहौल खराब होने की आशंका हो तो फैसला राज्य का गृह मंत्रालय लेता है.
राजस्थान सरकार ने 31 मार्च तक पूरे प्रदेश को किया लॉकडाउन
कोरोना को काबू में करना बड़ी चुनौती स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि, चीन इसे रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. वहां नए मामलों की संख्या घटी है. यह 170 देशों में फैल चुका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने इसे महामारी घोषित किया है. WHO की तरफ से एक एडवाइडरी भी जारी की गई है, जिसमें बीमारी के लक्षण पहचानने और उसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी गई है.
170 देशों में पहुंचा यह वायरस चीन से बाहर 170 देशों में कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि हुई है. इन देशों में थाईलैंड, ईरान, इटली, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. आइए जानते हैं कि इस वायरस के लक्षण और बचाव के तरीके क्या हैं.
कोरोना वायरस के बढ़ते संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर आज पूरे देश में सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक 'जनता कर्फ्यू' जारी है. जैसा कि मोदी अपने संदेश में पहले ही बता चुके हैं कि यह जनता के लिए , जनता के द्वारा किया गया कर्फ्यू है. भारत की राजधानी दिल्ली और कई शहरों में इसका असर सुबह से ही देखने को मिल रहा है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पार्क, दुकान, सड़के सभी खाली हैं.
22 मार्च की शाम 5 बजे धन्यवाद अर्पित करें देशवासीप्रधानमंत्री ने कहा कि 22 मार्च को शाम 5 बजे हमें उन लाखों लोगों का अभिवादन करना चाहिए जो हमारे लिए दिन रात अपने काम में जुटे हुए हैं. इनमें डॉक्टर, सरकारी कर्मचारी, मीडियाकर्मी जैसे लोग शामिल हैं. इसके लिए शाम पांच बजे देशवासी अपने घर के दरवाजे, बालकनी, खिड़की पर खड़े होकर पांच मिनट तक ताली या थाली बजाएं.
अपना ख्याल रखना अगर लॉकडाउन की तारीख बढ़ाएं तो ?
भारत में कर्फ्यू में महत्वपूर्ण चीजें घर पर ही होनी चाहिए कम से कम 3 महीने
- दूध (मिल्क पावडर/सूखा)
- खाने-पीने का सामान (दालें , चावल ,चाय,चीनी,आटा oil , )
- दवाइयां प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट ऐड किट ,sterilizer , importance medicines ,regalura medicine ( Sugar,heart TB any chronic disease medicine )
- जीवन के लिए जरूरी ( गैस सिलिंडर,साबुन , etc)
लॉ एंड ऑर्डर यानी कानून व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. लोग कानून का पालन करें और शांति व्यवस्था बनाए रखें इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होता है. जब लगे कि व्यवस्था बिगड़ सकती है तो धारा 144 लागू की जाती है. अगर पूरे राज्य में माहौल खराब होने की आशंका हो तो फैसला राज्य का गृह मंत्रालय लेता है.
जिले में इस तरह की फैसला लेने का अधिकार डीएम के पास होता है. एक बार धारा 144 लगाने के बाद यह दो महीने तक जारी रहती है. इसे अधिकतम छह महीने तक जारी रखा जा सकता है. इससे ज्यादा समय तक जारी रखने के लिए दोबारा से आदेश जारी करना होता है.कर्फ्यू तोड़ने पर पुलिस सख्त कदम उठा सकती है. हालात के हिसाब से वह व्यवस्था तोड़ने वालों को गोली भी मार सकती है. लेकिन कर्फ्यू जैसे हालात में भी छात्रों की परीक्षा, शवयात्रा, शादी जैसी जरूरी चीजों पर ढील दी जाती है. लेकिन इसके लिए प्रशासन से मंजूरी ली जाती है. इस दौरान प्रशासन की मर्जी से मेडिकल स्टोर, अस्पताल खुले रहते हैं.
लेकिन जनता कर्फ्यू में ऐसी कोई भी पाबंदी नहीं होती है. इसमें सिर्फ जनता की ये जिम्मेदारी है कि वो खुद को और अपने पूरे परिवार को घर से बाहर जाने से रोकें.
राजस्थान सरकार ने 31 मार्च तक पूरे प्रदेश को किया लॉकडाउन
कोरोना को काबू में करना बड़ी चुनौती स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए इसे फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि, चीन इसे रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. वहां नए मामलों की संख्या घटी है. यह 170 देशों में फैल चुका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने इसे महामारी घोषित किया है. WHO की तरफ से एक एडवाइडरी भी जारी की गई है, जिसमें बीमारी के लक्षण पहचानने और उसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी गई है.
170 देशों में पहुंचा यह वायरस चीन से बाहर 170 देशों में कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि हुई है. इन देशों में थाईलैंड, ईरान, इटली, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. आइए जानते हैं कि इस वायरस के लक्षण और बचाव के तरीके क्या हैं.
- क्या है कोरोना वायरस? कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.
- क्या हैं इस बीमारी के लक्षण? इसके लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं. संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता
- क्या हैं इससे बचाव के उपाय? स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सात स्टेप्स विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सात आसान स्टेप्स बताए हैं, जिनकी मदद से कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है और खुद भी इसके इंफेक्शन से बचा जा सकता है.

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